18 june 2026
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में जनहित, शिक्षा, रोजगार और पर्यटन से जुड़े 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में सबसे बड़ी उपलब्धि उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया जाना रही, जबकि उपनल कर्मचारियों को राहत देने और चारधाम यात्रा से जुड़े हितधारकों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।
बैठक की शुरुआत राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पद्मश्री सम्मानित अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके बाद विभिन्न विभागों के एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि
कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने का निर्णय लिया गया। राज्य सरकार के अनुसार प्रदेश की साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुकी है, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में संचालित साक्षरता अभियान, स्कूलों में नामांकन बढ़ाने की योजनाएं, महिला शिक्षा को प्रोत्साहन और ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए गए जागरूकता कार्यक्रमों का सकारात्मक परिणाम अब सामने आया है।
सरकार का मानना है कि पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा मिलने से उत्तराखंड शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। इससे नई पीढ़ी को बेहतर अवसर मिलने के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत
कैबिनेट ने उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम) के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कटऑफ तिथि बढ़ाने को मंजूरी दी। लंबे समय से कर्मचारी संगठन इस मांग को उठा रहे थे। सरकार के इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
माना जा रहा है कि इस निर्णय से कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा मजबूत होगी और भविष्य में उन्हें मिलने वाले लाभों का दायरा भी बढ़ेगा। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है।
चारधाम यात्रा से जुड़े लोगों को मिलेगा लाभ
उत्तराखंड की आर्थिकी और पर्यटन का प्रमुख आधार चारधाम यात्रा को लेकर भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को ले जाने वाले घोड़ा-खच्चरों के लिए बीमा व्यवस्था को सरकारी सहायता देने का निर्णय लिया गया है।
पहाड़ी क्षेत्रों में हजारों परिवार घोड़ा-खच्चर संचालन पर निर्भर हैं। दुर्घटना, बीमारी या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में पशुओं को होने वाले नुकसान से संचालकों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ती थी। अब सरकारी सहायता मिलने से उन्हें सुरक्षा कवच मिलेगा और उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी।
विकास और प्रशासनिक सुधारों पर फोकस
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों से जुड़े कई प्रशासनिक और विकासात्मक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। सरकार का उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना और जनता तक सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैबिनेट के सभी निर्णयों को निर्धारित समय सीमा के भीतर लागू किया जाए, ताकि आम जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
जनहित को प्राथमिकता देने का संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कैबिनेट के ये फैसले शिक्षा, रोजगार, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मजबूती प्रदान करेंगे। विशेष रूप से पूर्ण साक्षर राज्य की घोषणा और उपनल कर्मचारियों को राहत देने के निर्णय को सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
प्रमुख फैसले एक नजर में
- उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया।
- प्रदेश की साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक पहुंची।
- उपनल कर्मचारियों के लिए कटऑफ तिथि बढ़ाने को मंजूरी।
- चारधाम यात्रा में घोड़ा-खच्चरों के बीमा पर सरकारी सहायता।
- विभिन्न विभागों के 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति।
- प्रशासनिक सुधार और जनकल्याण योजनाओं को गति देने पर जोर।
- शिक्षा, रोजगार और पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम।
धामी सरकार के इन फैसलों को आगामी वर्षों में उत्तराखंड के सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण निर्णयों के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से शिक्षा और कर्मचारी हितों से जुड़े फैसले व्यापक जनसमर्थन प्राप्त कर सकते हैं।

