18 june 2026
देहरादून। उत्तराखण्ड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखण्ड के बीच तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक नमो भारत (आरआरटीएस) ट्रेन सेवा के विस्तार को लेकर उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के बीच सहमति बन गई है। अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए जल्द ही सर्वेक्षण कार्य शुरू किया जाएगा।
राज्य सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लंबे समय से इस परियोजना को लेकर प्रयासरत थे। इसी वर्ष फरवरी में दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू होने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे उत्तराखण्ड तक विस्तारित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के समक्ष रखा था। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात के दौरान उन्होंने इस संबंध में प्रस्ताव सौंपा था, जिसके बाद परियोजना को सकारात्मक दिशा मिली।
150 किलोमीटर लंबा होगा नया हाई-स्पीड कॉरिडोर
प्रस्तावित योजना के तहत मोदीपुरम से लक्ष्मणझूला तक लगभग 150 किलोमीटर लंबा नया ट्रैक बिछाया जाएगा। इसमें करीब 72 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश और 78 किलोमीटर हिस्सा उत्तराखण्ड में आएगा। यह हाई-स्पीड कॉरिडोर मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से शुरू होकर मुजफ्फरनगर, रुड़की और हरिद्वार होते हुए ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला क्षेत्र तक पहुंचेगा।
परियोजना को गति देने के लिए उत्तराखण्ड सरकार ने अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं एनसीआरटीसी ने भी अपनी ओर से नोडल अधिकारी की तैनाती कर दी है। उत्तर प्रदेश सरकार की सहमति मिलने के बाद अब सर्वेक्षण और डीपीआर निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
तीर्थ और पर्यटन को मिलेगा बड़ा लाभ
यह परियोजना केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उत्तराखण्ड के धार्मिक और पर्यटन क्षेत्रों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी। हरिद्वार और ऋषिकेश देश के प्रमुख आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र हैं, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। नमो भारत ट्रेन के संचालन से यात्रियों को तेज और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा, जिससे सड़क मार्ग पर दबाव भी कम होगा।
विशेष रूप से चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान इस रेल सेवा का लाभ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को मिल सकेगा।
यात्रा समय में होगी भारी कमी
वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश तक सड़क मार्ग से पहुंचने में सामान्य परिस्थितियों में पांच से छह घंटे का समय लगता है। प्रस्तावित नमो भारत ट्रेन की अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा होने के कारण यह दूरी लगभग ढाई से तीन घंटे में पूरी की जा सकेगी। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को भी बड़ा फायदा मिलेगा।
रोजगार और विकास के नए अवसर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन सेवा का विस्तार राज्य की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और एनसीआरटीसी के साथ निरंतर समन्वय बनाकर इस परियोजना को आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि बेहतर रेल और परिवहन अवसंरचना के विकास से उत्तराखण्ड में निवेश, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
बदल सकती है उत्तराखण्ड की परिवहन तस्वीर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना निर्धारित समय में धरातल पर उतरती है तो दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखण्ड के बीच आवागमन की तस्वीर बदल सकती है। हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन न केवल यात्रा को आसान बनाएगी बल्कि क्षेत्रीय विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करेगी। उत्तराखण्ड के लिए यह परियोजना भविष्य की परिवहन क्रांति के रूप में देखी जा रही है।

