14 june 2026
खटीमा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने गृह क्षेत्र खटीमा के सीमांत गांव बग्गा-54 का दौरा कर स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया। जनसंपर्क एवं मुख्य सेवक जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान राजस्व ग्राम का दर्जा और भूमि अधिकार से जुड़ी मांगें प्रमुख रूप से सामने आईं, जिन पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
गांव पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और दूरस्थ गांवों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बग्गा-54 सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है तथा संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने इस अवधि में आधारभूत ढांचे, जनकल्याण योजनाओं और सुशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है और उत्तराखंड भी विकास की इस यात्रा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में लागू समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और नकल विरोधी कानून का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नकल विरोधी कानून ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं, जिससे युवाओं का भरोसा मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्रों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और स्थानीय जनता के अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास से जुड़े प्रस्तावों और मांगों पर चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।
दौरे के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में लोगों ने सड़क, भूमि अधिकार, राजस्व ग्राम की मान्यता और अन्य स्थानीय मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन विषयों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
गौरतलब है कि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की लंबे समय से राजस्व ग्राम का दर्जा और भूमि अधिकार संबंधी मांगें रही हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे से स्थानीय लोगों को उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे।

